Category: आलेख

किमसे किस तरह से लोगो को प्रदान करती है सहायता?

किसान मजदूर सेना लोगों को किस प्रकार से प्रदान करती है सहायता? How Kisan Majdor Sena help peoples?   हमारी वेबसाइट: https://www.kmsena.org/ हमारा आधिकारिक फेसबुक पेज: https://www.facebook.com/kisanmajdoor/ हमारा ट्विटर हैंडल: https://twitter.com/kmsenakimse हमारा यूट्यूब चैनल: https://bit.ly/2Kti1DB हमारा अधिकारिक फेसबुक समूह: https://www.facebook.com/groups/kisan… #kisan #majdoor #sena #kimse #indiafarmer #khetikisani #jpbhaiya

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कारखाना अधिनियम, 1948 के उद्देश्य | Factory Act

कारखाना अधिनियम, 1948 के उद्देश्य (Object) इस एक्ट के अनुसार कल–कारखानों की स्थापना, उनका संचालन तथा कार्य चलने की व्यवस्था होती है। इस अधिनियम में कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया। इसका उद्देश्य कारखानों की अनियमित वृद्धि को रोकने का प्रयत्न करना […]

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जैव उर्वरक (बायोफर्टिलाइजर) या ‘जीवाणु खाद’

रसायनिक खादों के लगातार व असंतुलित प्रयोग से हमारी कृषि हेतु जमीन व वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है |  मिट्टी में जीवांश की मात्रा घटने से उसकी उपजाऊ शक्ति घटती जा रही है |  हमारे जलाशय तथा जमीन के नीचे का पानी प्रदूषित हुआ हैं |  जैविक उर्वरकों के प्रयोग से इस प्रदूषण को […]

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कौन हैं प्रोफेसर स्वामीनाथन और क्या हैं उनकी सिफारिशें?

 किसानों की मांग है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें जल्द से जल्द लागू की जाएं. सरकार ने वर्ष 2004 में स्वामीनाथन आयोग का गठन किया था लेकिन पिछले आठ सालों से इस रिपोर्ट को हाशिए पर सरकाया हुआ है। आइए जानते हैं कौन हैं प्रोफेसर स्वामीनाथन और क्या हैं उनकी सिफारिशें? प्रोफेसर एम एस स्वामीनाथन […]

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गरीबी व बेरोजगारी के कारण होता है पलायन

देश में पलायन के कई कारण मौजूद हैं। इसमें सबसे प्रमुख कारण अशिक्षा व बेरोजगारी है। उत्तर प्रदेश व बिहार से पलायन करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है जो बाहर के महानगरों में काम की खोज में जाते हैं।अशिक्षा, गरीबी व बेरोजगारी ये तीन प्रमुख कारण हैं, जो पलायन का कारण बनते हैं। गांवों […]

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मजदूरों का शोषण मानवता का उपहास

हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मई महीने की पहली तारीख को मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस को मई दिवस भी कहकर बुलाया जाता है। अमेरिका में 1886 में जब मजदूर संगठनों द्वारा एक शिफ्ट में काम करने की अधिकतम सीमा 8 घंटे करने के लिए हड़ताल की जा रही थी। इस हड़ताल के दौरान […]

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किसानों की समस्याओं पर राजनीति तो बहुत होती है पर काम नहीं होता

स्वतंत्र भारत से पूर्व और स्वतंत्र भारत के पश्चात् एक लम्बी अवधि बीतने के बाद भी भारतीय किसानों की दशा में सिर्फ 19-20 का ही अंतर दिखाई देता है। जिन अच्छे किसानों की बात की जाती है, उनकी गिनती उंगलियों पर की जा सकती है। बढ़ती आबादी, औद्योगीकरण एवं नगरीकरण के कारण कृषि योग्य क्षेत्रफल […]

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भारतीय किसान और उनकी मूलभूत समस्याएं

भारतीय किसान और उनकी मूलभूत समस्याएं देश की 70 फीसदी आबादी गांवों में रहती है और कृषि पर ही निर्भर है। ऐसे में किसानों की खुशहाली की बात सभी करते हैं और उनके लिए योजनाएं भी बनाते हैं किंतु उनकी मूलभूत समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है। लेखक ने किसानों की समस्याओं को उठाते […]

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