सरदार पटेल व भारतमाता का पूजन कर मनायी गयी पटेलजी की जन्मजयन्ती

सरदार पटेल व भारतमाता का पूजन कर मनायी गयी पटेलजी की जन्मजयन्ती

दिनांक: ३१.१०.२०१८ | किसान मजदूर सेना (किमसे) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जयप्रकाशजी (जेपीभैया) की उपस्थिति में सरदार पटेल जी जन्मजयंती मनाई गयी। मन्त्रोच्चार व पुष्प अर्पण के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। पंडितों द्वारा माँ भारती व सरदार पटेल जी को कुमकुम, पुष्प व मिष्ठान अर्पित किया गया व माल्यार्पण किया गया। आगे, कार्यक्रम में सरदार पटेल जी के कार्यों और किसानो के लिए उनके योगदान पर सम्भाषण कार्यक्रम हुआ। किसान मजदूर सेना के राष्ट्रीय मंत्री श्री दिग्विजय मिश्र जी ने बोलते हुए कहा कि पटेलजी अपने कार्यों को लेकर अडिग और मजबूत रहते थे। जिस काम का बीड़ा उन्होंने उठाया उसको पूरा किये बिना वो रुकते नही थे। वहीँ दूसरी ओर किमसे गुजरात राज्य संयोजक श्री अंगदसिंह राजपूत जी व किमसे गुजरात संयोजक श्री निर्मल भाई पटेल ने भी किसान मजदूर सेना (किमसे) के बारे में परिचय देते हुए सरदार पटेल जी को याद किया और किसान मजदूर सेना (किमसे) के सेवा कार्यो को जन जन तक पहुँचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

आयोजन का समापन किसानों व श्रमिकों के युवा नायक श्री जयप्रकाशजी (जेपीभैया) के वक्तव्य से हुआ। जेपीभैया ने कहा कि किमसे किसी राजनैतिक पार्टी का विरोध नही करती है, न ही हमे किसी पार्टी से समर्थन लेना और न ही देना है। हमारी लड़ाई सिस्टम से है किसी व्यक्ति विशेष से नहीं। हम एक एसी व्यवस्था चाहते हैं जो भारत को ऊँचाई पर ले जाए एसी व्यवस्था भारत में लागू करनी पड़ेगी। जेपी भैया ने संबोधित करते हुए कहा कि जो यह वर्तमान समय में जो किसान हमको अन्न देता है जिसके घर के लाल निकल कर बॉर्डर पर माँ भारती की सेवा में अपने प्राणों की बाजी लगाते हैं वहीँ किसानों के घर से लोग पलायन करके उद्धोग में श्रम करके धन पैदा करते हैं लेकिन दुःख की बात है कि आज किसान, सैनिक, श्रमिक तीनों उपेक्षित हैं। आदरणीय श्री जयप्रकाशदूबे (जेपीभैया) ने सभी लोगों से भारत से भय, भूंख, गरीबी, भ्रष्टाचार जड़ से मिटाने हेतु लोगों की किमसे में आने के लिए आह्वान किया।

कायर्क्रम का आयोजन किसान मजदूर सेना (किमसे) की अहमदाबाद ईकाई द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए किमसे के सभी कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया। पटेलजी की जन्मजयंती कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।